खटीमा : उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से बदहाल स्थिति में रहे खटीमा-मेलाघाट मार्ग की तस्वीर अब बदलने लगी है। खटीमा चौराहे से भारत-नेपाल सीमा के मेलाघाट तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सड़क निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को मिलेगी राहत
खटीमा-मेलाघाट मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में था जिसके चलते इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सड़क की खराब स्थिति के कारण दैनिक आवागमन में भी दिक्कतें आती थीं। अब सड़क के डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
इस मार्ग के बेहतर होने से राजीवनगर झनकैया मेलाघाट और बगुलिया समेत आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आवागमन भी पहले की अपेक्षा अधिक सुगम हो सकेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने CM धामी का जताया आभार
जिला पंचायत अध्यक्ष ऊधम सिंह नगर अजय मौर्य ने खटीमा-मेलाघाट मार्ग के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है।
अजय मौर्य ने कहा कि यह सड़क लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में थी जिसके कारण ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से अब इस मार्ग का डामरीकरण करने के साथ ही चौड़ीकरण का कार्य भी कराया गया है।
उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों ने लिया निर्माण कार्य का जायजा
खटीमा-मेलाघाट मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिशासी अभियंता नीरज अग्रवाल अपर सहायक अभियंता प्रकाश सिंह और प्रेम प्रकाश तिवारी ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
सड़क निर्माण का कार्य फिलहाल अंतिम चरण में है। लंबे समय से इस मार्ग के बेहतर होने का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।
सीमा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है खटीमा-मेलाघाट मार्ग
खटीमा चौराहे से मेलाघाट तक जाने वाला यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। सड़क के डामरीकरण और चौड़ीकरण से लोगों के दैनिक आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर खटीमा-मेलाघाट मार्ग के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्र में विकास की एक महत्वपूर्ण परियोजना पूरी होने की ओर बढ़ रही है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें जर्जर सड़क की समस्या से पूरी तरह राहत मिलेगी और आवागमन पहले से अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।