लोहाघाट : उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र के खूना बोरा गांव में आयोजित तीन दिवसीय मां पूर्णागिरि महोत्सव का तीसरे दिन भव्य देवी रथ यात्रा के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूरा क्षेत्र मां पूर्णागिरि और मां कालिका के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने जय माता दी के जयकारों के साथ मां के डोले में शामिल होकर अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की।
जयकारों के साथ निकली मां पूर्णागिरि की भव्य रथ यात्रा
महोत्सव के अंतिम दिन मां पूर्णागिरि का डोला मुख्य गांव खूना बोरा से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रवाना हुआ। पहाड़ी रास्तों से गुजरती हुई यह धार्मिक यात्रा मणेश्वर महादेव होते हुए मां पूर्णागिरि मंदिर मणेश्वर के लिए आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त मां के जयकारे लगाते हुए रथ यात्रा में शामिल हुए और पूरे रास्ते भक्तिमय वातावरण बना रहा।
विधि-विधान से हुआ डोले का शुद्धिकरण
रथ यात्रा रवाना होने से पहले मां के डोले का शुद्धिकरण किया गया। पंडित सुरेश चन्द्र तिवारी ने विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इसके बाद पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार मां का डोला यात्रा के लिए रवाना हुआ।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में स्थानीय परंपराओं और धार्मिक आस्था की विशेष झलक देखने को मिली।
अनीता देवी और गंगा देवी रहीं रथ यात्रा में शामिल
इस दिव्य रथ यात्रा में मां पूर्णागिरि की देव डांगर के रूप में अनीता देवी और मां कालिका की नगारिया के रूप में गंगा देवी रथ पर सवार हुईं। उनके शामिल होने से यात्रा का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया। रथ यात्रा में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
मणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ समापन
भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच मां का डोला मणेश्वर मंदिर पहुंचा। यहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई और धार्मिक परंपराओं के अनुसार डोले का विसर्जन संपन्न हुआ। इसके साथ ही तीन दिवसीय मां पूर्णागिरि महोत्सव का भव्य समापन हो गया।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
आयोजक भय्यू बोरा ने जताया आभार
महोत्सव के संचालक भय्यू बोरा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग देने वाले समस्त ग्रामवासियों और सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सभी के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
कुल मिलाकर खूना बोरा में आयोजित तीन दिवसीय मां पूर्णागिरि महोत्सव श्रद्धा भक्ति और पारंपरिक धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। भव्य देवी रथ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।