डोईवाला : सौंग नदी के लच्छीवाला क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनाया गया अस्थायी बांध नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त होकर टूट गया है। बांध टूटने के बाद सिंचाई नहर में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है जिससे डोईवाला नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली करीब 20 हजार बीघा कृषि भूमि पर सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसका सबसे अधिक असर धान की खेती करने वाले किसानों पर पड़ रहा है।
धान की फसल को नुकसान
किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल को लगातार पानी की आवश्यकता होती है लेकिन नहर में पानी बंद होने से खेतों तक पर्याप्त सिंचाई नहीं पहुंच पा रही है। वहीं सामान्य से कम बारिश होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोत भी पर्याप्त नहीं हैं जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही नहर में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो धान की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि बांध टूटने के बाद उन्होंने नगर पालिका से जेसीबी मशीन उपलब्ध कराने की मांग की थी ताकि अस्थायी बांध का पुनर्निर्माण कर नहर में दोबारा पानी छोड़ा जा सके। हालांकि समय पर मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके चलते समस्या अब भी बनी हुई है और किसान परेशान हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष ने किया निरीक्षण
मामले की जानकारी मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी और सभासद रियासत अली मोंटी किसानों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टूटे हुए बांध का निरीक्षण किया और किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने के साथ ही इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान सौंग नदी का जलस्तर बढ़ने पर अस्थायी बांध टूट जाता है जिससे सिंचाई व्यवस्था बाधित हो जाती है और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो जाता है। उनका कहना है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कराने के बजाय यदि यहां स्थायी बांध या मजबूत संरचना का निर्माण कराया जाए तो हजारों बीघा कृषि भूमि को हर साल होने वाले सिंचाई संकट से बचाया जा सकता है।
किसानों ने प्रशासन से की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर नहर में पानी छोड़ा जाए और भविष्य में इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि खेती प्रभावित न हो और किसानों को हर वर्ष इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।