खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील खटीमा में स्लैटर हाउस बुचड़खान के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।
कार्यकर्ताओं का टेंडर प्रक्रिया पर आरोप
शिवसेना नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर को रद्द कर स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर कराए जाए।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष मांस की दर 250 रुपये प्रति किलो थी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नए टेंडर के बाद मीट की कीमत 360 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है जो स्थानीय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि स्लैटर हाउस का 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय आपूर्ति प्रभावित होगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।
कार्यकर्ताओं ने रखी मांग
कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि जानवरों का कटान अनिवार्य रूप से मवेशी डॉक्टरों और प्रशासन की सीधी देखरेख में हो। केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास जानवरों को ही काटने की अनुमति दी जाए। शिव सेना के बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि इस विवादित टेंडर से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है और हिंदू-मुस्लिम दंगों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और प्रक्रिया न्यायपूर्ण हो। फिलहाल इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर तत्काल निरस्त नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।