उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडे जंगलों में पाया जाने वाला पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर जंगली फल काफल अब बाजारों में पहुंचने लगा है। लोहाघाट बाजार में इस सीजन का पहला काफल बिकने के लिए आया जहां इसे ₹200 प्रति किलो के भाव से बेचा गया।
काफल स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक फल
फल विक्रेता गोपाल दत्त पुनेठा ने बताया कि काफल न केवल स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक फल है बल्कि यह स्थानीय ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। जंगलों से काफल तोड़कर महिलाएं बाजार में लाती हैं जहां व्यापारी उनसे खरीदकर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराते हैं।
औषधीय गुण से भरपूर काफल
उन्होंने बताया कि काफल में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं जिससे इसकी मांग हर साल बढ़ती है। हालांकि इस बार क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के कारण काफल की पैदावार पर भी असर पड़ा है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि काफल के बाजार में आने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सीजन के दौरान लगभग एक महीने तक महिलाएं जंगलों से काफल एकत्र कर अच्छा रोजगार प्राप्त करती हैं जिससे उनके परिवारों की आय में भी सुधार होता है। बाजार में काफल आने के बाद लोगों ने इसे हाथों-हाथ खरीदा और जमकर खरीदारी की।