उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु अपने प्रथम नियुक्ति स्थल रानीखेत पहुंचे जहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
बैठक में सड़क वन शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन विभाग की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता समयबद्धता और जनसंतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर बल
प्रमुख सचिव ने रानीखेत क्षेत्र में इको-टूरिज्म वेलनेस और नेचुरोपैथी आधारित पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सही दिशा में काम किया जाए तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य आधारित योजनाओं और विभागों के समन्वित प्रयासों से न केवल रानीखेत बल्कि पूरा उत्तराखंड विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।