गर्मियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने व्यापक योजना बनाई है। यात्रियों को राहत देने के लिए स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
57 स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा गया
रेलवे प्रशासन ने 57 स्पेशल ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। अगले हफ्ते तक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लखनऊ रूट से जुड़ेंगे कई प्रमुख गंतव्य
योजना के तहत लखनऊ के रास्ते उत्तराखंड, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
कुछ रूट्स पर राहत, कुछ पर अब भी लंबी वेटिंग
होली के बाद दिल्ली-मुंबई रूट पर वेटिंग लिस्ट में कमी आई है, लेकिन देहरादून, ऋषिकेश और काठगोदाम जैसे पर्यटन स्थलों के लिए जाने वाली ट्रेनों में अब भी लंबी वेटिंग देखी जा रही है।
इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़
बाघ एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस और काठगोदाम एक्सप्रेस में सीटों की भारी कमी बनी हुई है।
जम्मू और पूर्वोत्तर रूट पर भी दबाव
जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी सीटों की मांग काफी अधिक है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्पेशल ट्रेनों में सभी श्रेणियों के कोच
प्रस्तावित स्पेशल ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही फर्स्ट और सेकंड एसी कोच भी लगाए जाने की योजना है, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सके।
रेगुलर ट्रेनों में भी बढ़ेंगी अतिरिक्त बोगियां
रेलवे नियमित ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी कर रहा है। खासतौर पर जम्मू, देहरादून, गुवाहाटी और कोलकाता रूट पर अतिरिक्त बोगियां लगाई जाएंगी, जिससे वेटिंग लिस्ट को कम किया जा सके।
यात्रियों को राहत देने की कोशिश
रेलवे का उद्देश्य छुट्टियों के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और भीड़ को नियंत्रित करना है। अनुमति मिलते ही रैक तैयार कर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।