प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश इस अवसर को “स्कूल चलें हम” अभियान के रूप में मनाएगा, जो 1 से 4 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान स्कूलों में प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
नामांकन बढ़ाने पर रहेगा जोर
अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करना है। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 85 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शाला से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल से जोड़ने की विशेष पहल की जाएगी।
CM की मौजूदगी में होगा राज्य स्तरीय आयोजन
अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रवेशोत्सव और पाठ्य-पुस्तकों का वितरण
जिला और शाला स्तर पर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत में ही नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जाएंगी, ताकि पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
अभिभावकों का स्वागत और बालसभा का आयोजन
1 अप्रैल को कक्षा 1 से 8 तक सभी स्कूलों में बालसभा आयोजित होगी। इस अवसर पर अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा और बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
“भविष्य से भेंट” कार्यक्रम से मिलेगी प्रेरणा
अभियान के दूसरे दिन “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के सफल और प्रेरक व्यक्तित्व छात्रों से संवाद करेंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों से जुड़ेंगे पालक
3 अप्रैल को स्कूलों में सांस्कृतिक और खेल-कूद कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी और उत्कृष्ट उपस्थिति वाले छात्रों के पालकों का सम्मान किया जाएगा।
‘हार के आगे जीत’ से मिलेगा नया संदेश
4 अप्रैल को उन विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो किसी कारणवश कक्षा में उन्नति नहीं कर पाए। उन्हें और उनके अभिभावकों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे दोबारा प्रयास कर बेहतर भविष्य बना सकें।
शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य
अभियान के अंतर्गत शाला प्रबंधन समितियों की बैठक भी होगी, जिसमें नए सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। लक्ष्य यह है कि प्रदेश में हर बच्चे को स्कूल से जोड़ा जाए और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जा सके।