लखनऊ - उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों तथा अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत भरी घोषणा की है। विभाग द्वारा गुरुवार को जारी शासनादेश के अनुसार, दोनों वर्गों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिसका लाभ उन्हें इसी माह से मिलना शुरू हो जाएगा।
शिक्षामित्रों के मानदेय में 8,000 रुपये की वृद्धि की गई
जारी आदेश के मुताबिक, प्रदेश के 1,42,929 शिक्षामित्रों के मानदेय में 8,000 रुपये की वृद्धि की गई है। अब तक शिक्षामित्रों को प्रति माह 10,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
17,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा
इसी प्रकार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी 8,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें पहले के 9,000 रुपये के स्थान पर 17,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। हालांकि, यह मानदेय वर्ष में 12 महीने के बजाय 11 महीने के लिए ही देय होगा, जैसा कि पहले से लागू व्यवस्था में था।
राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी
गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को हाल ही में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। मंगलवार को हुई इस बैठक में मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग ने औपचारिक रूप से शासनादेश जारी कर दिया है।
गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
सरकार के इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत इन कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए यह निर्णय आर्थिक संबल प्रदान करेगा और उनके मनोबल को भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही, यह उम्मीद की जा रही है कि इससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।