कोलकाता: श्रावण मास की अंतिम सोमवारी के मौके पर कोलकाता के अहिरीटोला घाट पर बड़ा हादसा टल गया। हुगली नदी में स्नान करने उतरे केष्टोपुर के दो लड़के अचानक तेज धार की चपेट में आ गए और गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों लड़के डूबने लगे, जिसके बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कोलकाता पुलिस के जवानों ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया। आपदा प्रबंधन समूह और रिवर ट्रैफिक पुलिस की टीम ने तेज बहाव के बीच दोनों लड़कों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
सुबह करीब 8:30 बजे हुई घटना, घाट पर उमड़ी थी श्रद्धालुओं की भीड़
यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे अहिरीटोला घाट पर हुई। श्रावण मास की अंतिम सोमवारी होने के कारण सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। बड़ी संख्या में लोग हुगली नदी में स्नान करने और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान केष्टोपुर के रहने वाले दो लड़के भी नदी में स्नान करने के लिए उतरे। शुरुआत में दोनों सामान्य रूप से स्नान कर रहे थे, लेकिन पानी में आगे जाने के बाद वे गहरे हिस्से में पहुंच गए। नदी में तेज बहाव होने के कारण दोनों अपना संतुलन नहीं बना सके। देखते ही देखते दोनों बहने लगे और डूबने की स्थिति में पहुंच गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें परेशानी में देखा तो तुरंत सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी।
खतरे को देखते ही पुलिस ने शुरू किया बचाव अभियान
लड़कों के डूबने की सूचना मिलते ही घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। एएसआई सत्यजीत बनर्जी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के बचाव अभियान शुरू किया। उनके साथ आपदा प्रबंधन समूह के कांस्टेबल मिथुन मंडल और सिविक वॉलेंटियर राजेश मंडल भी नदी में उतर गए। तेज धार और गहरे पानी के बावजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों लड़कों तक पहुंचने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों की नजर भी पूरी कार्रवाई पर बनी रही। पुलिसकर्मियों ने सावधानी और सूझबूझ के साथ दोनों लड़कों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से नदी से बाहर घाट पर लाया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों लड़कों को समय रहते बचा लिया गया।
तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों ने दिखाई बहादुरी
बचाव अभियान के दौरान हुगली नदी में पानी का बहाव तेज था, ऐसे में नदी में उतरकर डूब रहे लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना तुरंत कार्रवाई की। एएसआई सत्यजीत बनर्जी, कांस्टेबल मिथुन मंडल और सिविक वॉलेंटियर राजेश मंडल ने मिलकर दोनों लड़कों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए यह सुनिश्चित किया कि दोनों लड़के दोबारा तेज धार की चपेट में न आएं। कुछ ही समय में दोनों को घाट तक पहुंचा लिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस की सतर्कता और बचाव दल की तत्परता साफ नजर आई। समय पर की गई कार्रवाई की वजह से एक संभावित डूबने की घटना बड़ा हादसा बनने से पहले ही रुक गई।
नदी से बाहर निकालने के बाद दिया गया प्राथमिक उपचार
दोनों लड़कों को नदी से बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनकी स्थिति की जांच की। पानी में काफी देर तक रहने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों की हालत सामान्य रहे और उन्हें किसी तरह की तत्काल परेशानी न हो। राहत एवं बचाव की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों लड़कों को आगे की आवश्यक प्रक्रिया के लिए नॉर्थ पोर्ट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी जुटाई। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी पुलिस की कार्रवाई की चर्चा रही। दोनों लड़कों के सुरक्षित बचने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बढ़ी लापरवाही की चिंता
श्रावण मास की अंतिम सोमवारी जैसे धार्मिक अवसरों पर शहर के प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नदी में स्नान के दौरान सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो जाती है। अहिरीटोला घाट की घटना ने एक बार फिर तेज बहाव वाले नदी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कई बार लोग सुरक्षित सीमा से आगे जाकर नदी में उतर जाते हैं। गहरे पानी और तेज धार का अंदाजा नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति अचानक जानलेवा बन सकती है। खासकर बच्चों और कम उम्र के लोगों को नदी में अकेले नहीं उतरना चाहिए। प्रशासन की ओर से लगातार सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जाती है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से की सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि नदी में स्नान करते समय निर्धारित सुरक्षित स्थानों का ही इस्तेमाल करें। तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचने और सुरक्षा घेरे को पार नहीं करने की सलाह दी गई है। बच्चों और नाबालिगों के साथ आने वाले परिजनों से उन पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। पुलिस ने घाट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।