कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले बड़ा उलटफेर सामने आया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन खत्म कर लिया है, जिससे चुनावी समीकरण अचानक बदल गए हैं।
विवाद बना वजह, AIMIM ने बनाई दूरी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अपने बयान में साफ कहा कि हाल के घटनाक्रम और बयानों ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिससे पार्टी खुद को अलग रखना चाहती है। पार्टी का कहना है कि वह किसी भी ऐसे मुद्दे के साथ खड़ी नहीं हो सकती, जिससे समुदाय की छवि या सम्मान प्रभावित हो।
ओवैसी का यू-टर्न, अब अकेले मैदान में
इस फैसले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपना प्रस्तावित बंगाल दौरा भी रद्द कर दिया है। अब AIMIM ने स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्य में किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरेगी।
‘1000 करोड़’ डील के आरोप से मचा बवाल
पूरे विवाद की जड़ एक कथित वीडियो है, जिसमें हुमायूं कबीर पर बड़ी रकम के लेन-देन को लेकर बातचीत करने का आरोप है। यह वीडियो ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की ओर से सामने लाया गया, जिसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गया।
कबीर का पलटवार, वीडियो को बताया फर्जी
हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वीडियो पूरी तरह से गलत और तकनीक के जरिए बनाया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
चुनाव से पहले बदले समीकरण
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि बंगाल में चुनावी तस्वीर अब पहले जैसी नहीं रही। AIMIM के अलग होने से कई सीटों पर वोटों का बंटवारा नया मोड़ ले सकता है और इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।