कोलकाता: कोलकाता के मिलन मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिन शरणार्थियों को अब तक भारतीय नागरिकता नहीं मिली है, उन्हें जल्द नागरिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस प्रक्रिया को तेज करेगी।
सुवेंदु अधिकारी की पहल का किया जिक्र
अमित शाह ने मंच से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि वह लगातार नागरिकता के मुद्दे को उनके सामने उठाते रहे हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने वादा किया है कि पात्र शरणार्थियों को जल्द भारतीय नागरिकता मिलेगी।
SIR में नाम कटने का मुद्दा
शाह ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कई हिंदू शरणार्थियों के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे लोगों को CAA के प्रावधानों के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का किया उल्लेख
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। उनके अनुसार, उस समझौते में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में रहने वाले हिंदुओं के हितों की अनदेखी की गई थी।
मतुआ बहुल इलाकों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार और केंद्र की कोशिश है कि नदिया और उत्तर 24 परगना सहित मतुआ बहुल क्षेत्रों के पात्र हिंदू शरणार्थियों को जल्द नागरिकता दी जाए। इसे आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।