बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर कस्बे में सोमवार शाम गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। तुतबारी इलाके में बदमाशों ने एक होम्योपैथी डॉक्टर के चैंबर को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि दो आरोपी मरीज बनकर डॉक्टर के क्लिनिक में दाखिल हुए थे। चैंबर में घुसने के बाद उन्होंने डॉक्टर और उनके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और डॉक्टर को गिरफ्तार करने की धमकी दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
मरीज बनकर क्लिनिक में पहुंचे दो बदमाश
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बिष्णुपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 16 में तुतबारी काली मेला मैदान के पास डॉक्टर चंद्रशेखर दास लंबे समय से अपने घर में क्लिनिक चलाते हैं। घटना के वक्त डॉक्टर रोज की तरह एक मरीज को देख रहे थे। इसी दौरान दो युवक मरीज बनकर क्लिनिक के अंदर पहुंचे। शुरुआत में दोनों ने सामान्य मरीजों की तरह व्यवहार किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका रवैया बदल गया। आरोप है कि दोनों बदमाश डॉक्टर से बेतुकी बातें करने लगे और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करने लगे।
खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दी गिरफ्तारी की धमकी
आरोपियों ने डॉक्टर चंद्रशेखर दास पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए डॉक्टर को गिरफ्तार करने की धमकी दी। डॉक्टर ने अपने बेटे चिरंजीत दास को पर्ची लिखने के लिए बुलाया। जब चिरंजीत ने दोनों युवकों से उनकी पहचान पूछी और पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो मामला अचानक गंभीर हो गया। आरोप है कि बदमाशों ने पहचान पत्र दिखाने के बजाय डॉक्टर और उनके बेटे को धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर को काबू करने की कोशिश की।
डॉक्टर को बेहोश करने की कोशिश, बेटे पर तानी बंदूक
आरोप है कि बदमाशों में से एक ने किसी रसायन में भीगा हुआ रुमाल डॉक्टर चंद्रशेखर दास की नाक पर दबा दिया। इसके बाद डॉक्टर कुर्सी से नीचे गिर गए। इसी दौरान दूसरे आरोपी ने अपनी जेब से बंदूक निकाल ली। उसने बंदूक डॉक्टर के बेटे चिरंजीत दास के सिर पर तान दी और उसे धमकाने लगा। चिरंजीत के चीखने पर डॉक्टर के परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। अचानक परिवार के कई लोगों के सामने आने से बदमाशों पर दबाव बढ़ गया।
तेजाब फेंकने की धमकी से भागे आरोपी
परिवार के सदस्यों ने बदमाशों का विरोध किया। इसी दौरान परिवार के एक सदस्य ने आरोपियों पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। इसके बाद दोनों बदमाश घबरा गए और चैंबर से बाहर निकलने लगे। बताया जा रहा है कि भागते समय उन्होंने अपने जूते तक उतार दिए। आरोपियों ने वहां से निकलने के लिए साइकिल का सहारा लिया और तेजी से भागने की कोशिश की। डॉक्टर के परिवारवालों ने भी बदमाशों का पीछा किया। इसी दौरान आरोपियों ने अपनी जान बचाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी।
राहगीर के गले को छूकर निकली गोली
भागते समय बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एक राहगीर बाल-बाल बच गया। बताया जा रहा है कि गोली राहगीर के गले को छूते हुए निकल गई। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चैंबर के अंदर दो बदमाश दाखिल हुए थे, लेकिन उनके साथियों की संख्या अधिक थी। बताया जा रहा है कि कुल छह आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही बिष्णुपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। गोलीबारी की वजह और आरोपियों के मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी डॉक्टर के चैंबर को पहले से निशाना बनाकर पहुंचे थे या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।