दूसरे चरण के मतदान के दौरान बरानगर सीट पर उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब भाजपा प्रत्याशी मतदान केंद्र पर पहुंचे और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की अनुपस्थिति को लेकर नाराज़गी जाहिर की। गेट पर कोई अधिकारी मौजूद न होने पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई फर्जी मतदाता अंदर प्रवेश कर जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
बीएलओ की भूमिका पर उठे सवाल
मौके पर मौजूद एक बीएलओ ने सफाई देते हुए कहा कि वे एक बीमार व्यक्ति को मतदान केंद्र तक लाने गए थे। इस पर सजल घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्य उनके दायरे में नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ अपने निर्धारित स्थान से हटकर दूर बैठे थे, जिससे मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि या तो यह लापरवाही है या फिर जानबूझकर की गई चूक। मामले को लेकर उन्होंने चुनाव पर्यवेक्षकों से शिकायत करने की बात भी कही।
सीपीएम उम्मीदवार की भी सुरक्षा बलों से बहस
इसी क्षेत्र के एक अन्य बूथ पर की केंद्रीय बलों के साथ तीखी बहस देखने को मिली। ब्रह्मानंद केशवचंद्र कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों से सवाल किया कि बूथ के अंदर अपेक्षा से अधिक लोग क्यों मौजूद हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से तत्काल स्थिति नियंत्रित करने और अनावश्यक भीड़ को हटाने की मांग की।
तेज मतदान ने खींचा ध्यान
दूसरे चरण में मतदान की रफ्तार तेज रही और शुरुआती छह घंटों में ही लगभग 61 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। कोलकाता समेत कई इलाकों में मतदान प्रतिशत में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई। पूर्व बर्धमान जिले में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जहां दोपहर तक ही करीब 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।