कोलकाता/बारुईपुर: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की का शव मिलने के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है। इस संवेदनशील मामले में सोमवार को राजनीति और प्रशासनिक हलचल दोनों तेज हो गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारुईपुर दौरे से ठीक पहले सोमवार सुबह भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और मंत्री अग्निमित्रा पॉल तथा लॉकेट चटर्जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिवार को सांत्वना देने के बाद अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी जो एक मिसाल बनेगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट
बारुईपुर की इस घटना ने अब राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। आयोग ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DG) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने महानिदेशक को अगले ७ दिनों के भीतर यह रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, घटना के बाद इलाके में भड़की हिंसा और मॉब लिंचिंग (गणपितुनि) में हुई मौत को लेकर भी आयोग ने जानकारी मांगी है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर SIT गठित,3 गिरफ्तार
बारुईपुर के धपधपी इलाके में रविवार सुबह तालाब से नाबालिग का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। निवासियों ने बलात्कार और हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और रेल सेवा भी बाधित की थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री (जो गृह मंत्री भी हैं) सुवेंदु अधिकारी ने तुरंत पीड़िता के पिता से फोन पर बात की और त्वरित न्याय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शाम तक इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी आनंद सरदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
फांसी की सजा के पक्ष में मुख्यमंत्री, सरकार की कार्रवाई से परिवार संतुष्ट
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को भी साफ किया कि दोषियों को अधिकतम सजा दी जाएगी, यहाँ तक कि उन्होंने अपराधियों के लिए मृत्युदंड (फांसी) की भी वकालत की। मुख्यमंत्री की इस बात को दोहराते हुए मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा:
"हमारे मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया है और 24 घंटे के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार ने हमें बताया है कि वे सरकार की त्वरित भूमिका से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है।"
अग्निमित्रा पॉल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए यह भी जोड़ा कि महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा होगी। अगर इस घटना में पुलिस या प्रशासन के किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पहले ही सख्त संदेश दे दिया है।