कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य को अगले चार वर्षों में देश का सबसे तेज़ी से विकास करने वाला राज्य बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित 'डॉन ऑफ विकसित बंगाल' कार्यक्रम में कहा कि सरकार निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। इसके तहत अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट की समीक्षा कर उसे समाप्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।
निवेश के लिए आसान होगी प्रक्रिया
वित्त मंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा कारोबारी माहौल तैयार करना चाहती है, जिससे उद्योगों को बिना अनावश्यक बाधाओं के काम करने का अवसर मिले। उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल जल्द ही विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
केंद्र के सहयोग का जताया आभार
स्वपन दासगुप्ता ने राज्य बजट में केंद्र सरकार से मिले सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि फिलहाल इस मदद की आवश्यकता थी, लेकिन भविष्य में बंगाल को अपनी आर्थिक ताकत के दम पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील भी की।
औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस
राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल पूर्वी भारत के औद्योगिक परिवर्तन का नेतृत्व करेगा। उन्होंने बताया कि सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाएगी, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करेगी और नए औद्योगिक पार्क व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
कोलकाता के विकास पर जोर
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि यदि पूर्वी भारत को नई गति देनी है, तो इसकी शुरुआत कोलकाता से होगी। उन्होंने निष्क्रिय औद्योगिक भूमि के पुनर्विकास, विरासत इमारतों के बेहतर उपयोग और बंगालियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।