कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भाजपा सरकार भूमि नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर उद्योगों को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सीधे मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम, नगरपालिका, पंचायत समिति या जिला परिषद जैसी स्थानीय संस्थाओं से अलग-अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

डानकुनी में की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने डानकुनी में लक्स के कारखाने के विस्तार और 600 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश की सबसे बड़ी बाधा भूमि नीति रही है, जिसे अब पूरी तरह बदला जाएगा ताकि उद्योगों को आसानी से जमीन और आवश्यक मंजूरियां मिल सकें।

भूमि नीति में होगा बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले उद्योगों को राज्य सरकार सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लैंड सीलिंग (भूमि सीमा) नीति में भी व्यापक बदलाव किए जाएंगे ताकि निवेशकों को अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।
स्थानीय निकायों पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने नगर निगम, नगरपालिका, पंचायत और जिला परिषदों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं भ्रष्टाचार और दबंगई के केंद्र बन गई हैं। उनका कहना था कि नई व्यवस्था से निवेशकों को पारदर्शी और तेज़ प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी मंजूरियां मिल सकेंगी, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।