कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के उत्तरपाड़ा स्थित हिंदमोटर इलाके में चिकन बिरयानी के एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक ऊंची आवासीय इमारत के बाहर लगाए गए पोस्टर में देवी दुर्गा की तस्वीर के साथ चिकन बिरयानी दिखाई गई है। इस विज्ञापन को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताया। विवाद बढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने पोस्टर को तत्काल हटाने की मांग की। पुलिस ने भी मामले में पहल करते हुए दुकानदार से ऐसे सभी पोस्टर हटाने को कहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी पोस्टर हटा दिए गए हैं या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में किसी प्राथमिकी या कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक पोस्टर से क्यों शुरू हुआ विवाद?
हिंदमोटर इलाके में लगाए गए इस विज्ञापन में चिकन बिरयानी की प्लेट के साथ देवी दुर्गा की तस्वीर दिखाई गई है। पोस्टर पर बांग्ला भाषा में एक संदेश लिखा है, जिसका हिंदी अर्थ है, 'इस पूजा में देवी के प्रति भक्ति... रॉकस्टार स्वाद।' विज्ञापन में धार्मिक आस्था और मांसाहारी व्यंजन को एक साथ प्रस्तुत किए जाने पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए। लोगों की आपत्ति मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि देवी दुर्गा की तस्वीर का इस्तेमाल चिकन बिरयानी के प्रचार के लिए क्यों किया गया। इस पोस्टर को लेकर इलाके में चर्चा शुरू हो गई और कुछ स्थानीय लोग इसके सामने एकत्र होकर विरोध जताने लगे। मामले ने तब और ध्यान खींचा, जब स्थानीय भाजपा विधायक ने भी विज्ञापन को हटाने की मांग की। इस तरह एक व्यावसायिक विज्ञापन धार्मिक भावनाओं और विज्ञापन में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर विवाद का विषय बन गया।
स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद पुलिस ने की पहल
विज्ञापन को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, रविवार को कुछ स्थानीय लोग विवादित पोस्टर के सामने जमा हुए और उन्होंने विज्ञापन पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने दुकानदार से ऐसे सभी पोस्टर हटाने को कहा। पुलिस की यह पहल इलाके में विवाद को आगे बढ़ने से रोकने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुकानदार ने सभी विवादित पोस्टर हटा दिए हैं या नहीं। उपलब्ध जानकारी में पोस्टर लगाने के पीछे दुकानदार की मंशा या विज्ञापन तैयार करने वाले व्यक्ति की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण भी सामने नहीं आया है। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से पोस्टर हटाने के निर्देश की जानकारी है, लेकिन किसी प्राथमिकी या अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने की तत्काल पोस्टर हटाने की मांग
उत्तरपाड़ा के भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने इस विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने मांग की कि देवी दुर्गा की तस्वीर के साथ चिकन बिरयानी दिखाने वाले पोस्टर को तत्काल हटाया जाना चाहिए। विधायक ने अपने विरोध के पीछे धार्मिक प्रतीक के व्यावसायिक इस्तेमाल को मुख्य मुद्दा बताया। उनके मुताबिक, विवाद का संबंध मांसाहारी भोजन खाने या बेचने से नहीं, बल्कि बिरयानी के विज्ञापन में मां दुर्गा की तस्वीर इस्तेमाल करने से है। उन्होंने इस प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। विधायक की मांग के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। हालांकि, विज्ञापन को लेकर दुकानदार या संबंधित विज्ञापन निर्माता का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने दावा किया कि इस विज्ञापन से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के विज्ञापन सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद ने धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल और व्यावसायिक प्रचार की सीमाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर स्थानीय लोगों और विधायक ने विज्ञापन की प्रस्तुति पर आपत्ति जताई है, वहीं मामले के सभी पहलुओं को समझने के लिए दुकानदार का पक्ष भी सामने आना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी प्राथमिकी के दर्ज होने या कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने दुकानदार से पोस्टर हटाने को कहा है, लेकिन सभी पोस्टर हटाए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आगे की स्थिति पुलिस के निर्देशों के पालन और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
धार्मिक आस्था और विज्ञापन को लेकर चर्चा तेज
हिंदमोटर का यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नई बहस का विषय बन गया है। दुर्गापूजा पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव है, ऐसे में देवी दुर्गा की तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर लोगों की संवेदनशीलता भी सामने आई है। इस मामले में विरोध का केंद्र चिकन बिरयानी की बिक्री नहीं, बल्कि विज्ञापन में देवी की तस्वीर और मांसाहारी व्यंजन को एक साथ दिखाने की प्रस्तुति है। स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद पुलिस ने दुकानदार को पोस्टर हटाने का निर्देश दिया है। वहीं, भाजपा विधायक ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विवादित पोस्टर हटाए जाते हैं या नहीं और दुकानदार की ओर से इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल मामले में किसी प्राथमिकी या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।