कोलकाता: दुर्गा पूजा के आगमन के साथ ही कोलकाता में उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की सड़कों, प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवर और गंगा घाटों को रोशनी से सजाने की तैयारी की जा रही है। कोलकाता नगर निगम (KMC) की इस पहल का उद्देश्य महानगर को आकर्षक रूप देने के साथ-साथ पूजा के दौरान लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना और रात में बेहतर रोशनी सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित सजावट में रंग-बिरंगी एलईडी लाइटिंग, थीम आधारित रोशनी और पारंपरिक स्ट्रीट आर्ट को शामिल किया गया है। उत्तर से दक्षिण कोलकाता तक प्रमुख मार्गों और पूजा पंडालों की ओर जाने वाली सड़कों को रोशन करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के शहर पहुंचने की संभावना को देखते हुए नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी भी की जा रही है।
फ्लाईओवर और प्रमुख चौराहों पर दिखेगी रोशनी की छटा
कोलकाता के व्यस्त इलाकों में शामिल पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग, मां फ्लाईओवर के कनेक्टर्स, गरियाहाट ब्रिज और गरिया मोड़ जैसे स्थानों पर सजावटी रोशनी और कलात्मक सजावट की योजना है। इन इलाकों में फ्लाईओवर के पिलरों और अंडरपास को रंगों तथा स्थानीय कला से आकर्षक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐतिहासिक रेड रोड पर भी विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की तैयारी है। दुर्गा पूजा कार्निवल के आयोजन को देखते हुए यहां सजावटी प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की आवाजाही और सुरक्षा की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा बाबूघाट, बाजे कदमतला घाट, कुम्हारटोली घाट और जजेज घाट जैसे हुगली नदी के प्रमुख घाटों पर रोशनी की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इन स्थानों पर पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है।
चंदननगर की एलईडी लाइटिंग से बढ़ेगी उत्सव की रौनक
दुर्गा पूजा के दौरान चंदननगर की सजावटी रोशनी अपनी अलग पहचान रखती है। वहां के कारीगरों द्वारा तैयार की जाने वाली आकर्षक एलईडी कलाकृतियां और गतिशील प्रकाश सज्जा लोगों का ध्यान खींचती हैं। कोलकाता में भी प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर इस तरह की सजावट की योजना है। श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग, ईएम बाईपास जंक्शन, रासबिहारी मोड़ और हाजरा क्रॉसिंग जैसे व्यस्त इलाकों में विशेष लाइटिंग शहर के उत्सवी माहौल को और आकर्षक बना सकती है। सजावटी रोशनी के साथ सामाजिक संदेश देने वाली कलाकृतियों को भी जगह देने की संभावना है। इससे शहर की सड़कों पर रोशनी के साथ बंगाल की कला और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
144 वार्डों में स्ट्रीट लाइटिंग पर जोर
पूजा के दौरान केवल प्रमुख सड़कों को सजाना ही पर्याप्त नहीं है। पंडालों तक पहुंचने वाली संपर्क सड़कों, संकरी गलियों और उन इलाकों में भी रोशनी जरूरी है, जहां रात में आवाजाही अधिक रहती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी 144 वार्डों में स्ट्रीट लाइटिंग की स्थिति पर ध्यान देने की योजना है। खराब लाइटों की मरम्मत और अंधेरे वाले स्थानों पर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था से श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को सुविधा मिल सकती है। पूजा के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या को जल्द दूर करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी होगा। खासकर उन इलाकों में, जहां भीड़ अधिक होती है, बिजली और प्रकाश व्यवस्था की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और आपात व्यवस्था पर ध्यान
मानसून के दौरान बारिश और नमी के कारण स्ट्रीट लाइटों में तकनीकी खराबी आने की आशंका रहती है। ऐसे में पूजा से पहले खराब लाइटों की जांच, बिजली के तारों की सुरक्षा और जरूरत के मुताबिक मरम्मत करना महत्वपूर्ण है। नगर निगम, बिजली वितरण एजेंसियों और कोलकाता पुलिस के बीच समन्वय से ऐसी समस्याओं को समय रहते दूर करने में मदद मिल सकती है। यदि केंद्रीय नियंत्रण कक्ष और त्वरित कार्रवाई करने वाली टीमों की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिजली गुल होने या लाइटिंग खराब होने की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई संभव होगी। हालांकि, शहर में लगभग तीन लाख स्ट्रीट लाइट पोलों की जांच और 30 मिनट के भीतर खराबी दूर करने के निर्देश जैसे दावों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
रोशनी के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता
दुर्गा पूजा कोलकाता के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। इस दौरान रात भर पंडालों में आने-जाने वाले लोगों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था की अहम भूमिका रहती है। फ्लाईओवर, प्रमुख चौराहों, घाटों और संपर्क सड़कों पर पर्याप्त रोशनी से लोगों को रास्ता पहचानने में आसानी हो सकती है। साथ ही, बिजली के उपकरणों की सुरक्षा और तकनीकी खराबियों पर समय रहते कार्रवाई करना भी जरूरी है। शहर की सजावट और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी तैयारियां कितनी प्रभावी रहती हैं, यह दुर्गा पूजा के दौरान देखने को मिलेगा। फिलहाल, कोलकाता में उत्सवी माहौल के बीच रोशनी, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।