नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना अब क्रिकेट के मैदान के बाहर भी एक नई जिम्मेदारी निभाने जा रही हैं। वह यूनिसेफ इंडिया से सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ी हैं। इस भूमिका के जरिए वह बच्चों के अधिकारों, लैंगिक समानता और लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर दिलाने जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में योगदान देंगी।
स्मृति मंधाना की इस नई भूमिका को खेल जगत से जुड़ी हस्तियों के सामाजिक योगदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्रिकेट में अपनी उपलब्धियों के लिए पहचान बनाने वाली स्मृति अब बच्चों और लड़कियों से जुड़े मुद्दों को भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी।

सचिन तेंदुलकर ने किया स्वागत
महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने यूनिसेफ इंडिया से जुड़ने पर स्मृति मंधाना का स्वागत किया। उन्होंने भरोसा जताया कि स्मृति बच्चों के अधिकारों के लिए एक प्रभावशाली आवाज बन सकती हैं। सचिन का समर्थन इस पहल को लेकर चर्चा में है। खेल जगत की लोकप्रिय हस्तियां जब सामाजिक मुद्दों पर आगे आती हैं, तो उनके जरिए इन विषयों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
लैंगिक समानता और लड़कियों के अवसरों पर रहेगा जोर
स्मृति मंधाना की नई जिम्मेदारी में लड़कियों को शिक्षा, विकास और आगे बढ़ने के समान अवसर दिलाने के मुद्दे अहम रहेंगे। इसके साथ ही बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। खेल के क्षेत्र में स्मृति की पहचान युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। ऐसे में उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
क्रिकेट से आगे बढ़कर सामाजिक योगदान
स्मृति मंधाना ने भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब यूनिसेफ इंडिया के साथ उनकी यह नई भूमिका खेल से आगे बढ़कर समाज से जुड़े मुद्दों पर योगदान देने का अवसर देगी।
सचिन तेंदुलकर के स्वागत संदेश के बाद स्मृति की इस पहल पर लोगों की नजरें हैं। उम्मीद है कि बच्चों के अधिकारों और लैंगिक समानता से जुड़े संदेश अधिक लोगों तक पहुंचेंगे और इन मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।