दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में बुधवार देर रात एक फैक्ट्री में भट्ठी फटने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। वार्ड नंबर-1 के अंतर्गत कमलपुर स्थित शार्प फेरो एलॉयज लिमिटेड कारखाने में अचानक जोरदार धमाका हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के दौरान कई ठेका श्रमिकों के झुलसने की बात सामने आई है। हालांकि, घायलों की वास्तविक संख्या को लेकर फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भट्ठी में एक के बाद एक तीन धमाके
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कारखाने की भट्ठी में एक के बाद एक तीन बार जोरदार धमाका हुआ। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में भी लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद आग की लपटें और आग का बवंडर काफी ऊंचाई तक दिखाई दिया। घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी में कुछ ठेका श्रमिकों के झुलसने की बात कही जा रही है। हालांकि, कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी पुष्टि अभी संबंधित अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भट्ठी में धमाका किस वजह से हुआ। साथ ही, घटना के समय वहां कितने श्रमिक मौजूद थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है या नहीं, इसे लेकर भी फिलहाल स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और नुकसान का स्पष्ट पता चल सकेगा।
घायलों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
हादसे के बाद कई ठेका श्रमिकों के झुलसने की सूचना सामने आई है। हालांकि, घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी तक प्रशासन या फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने श्रमिकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं, हादसे में किसी की मौत हुई है या नहीं, इस संबंध में भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में शुरुआती सूचनाओं के आधार पर किसी भी आंकड़े की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे।
ठेका श्रमिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद कारखाने में काम करने वाले ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। औद्योगिक इकाइयों में भट्ठी जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ताजा हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। साथ ही, आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था को लेकर भी जांच की जरूरत बताई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही जिम्मेदारी और कारणों को लेकर स्थिति साफ होगी।
इसी फैक्ट्री में पहले भी हो चुका है हादसा
बताया जा रहा है कि शार्प फेरो एलॉयज लिमिटेड की इसी फैक्ट्री में पहले भी भट्ठी फटने की घटना हो चुकी है। पूर्व में हुए हादसे में चार लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस पुराने हादसे से जुड़े आधिकारिक विवरण की भी पुष्टि संबंधित अधिकारियों से होना बाकी है। ऐसे में ताजा घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है। लगातार इस तरह की घटनाओं की आशंका के बीच औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठ सकती है। खासकर ठेका श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन इंतजामों की स्थिति की जांच अहम मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भट्ठी में विस्फोट किस तकनीकी या अन्य वजह से हुआ। घटनास्थल से आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ-साथ फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है। घायलों की संख्या, उनकी स्थिति और नुकसान का वास्तविक आकलन भी जांच के बाद सामने आएगा। प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर है।