कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलत विधानसभा क्षेत्र में EVM के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर चुनाव आयोग ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जरूरत पड़ी तो पूरी फलत विधानसभा में फिर से मतदान कराया जाएगा।"
EVM पर मिला टेप और इत्र
CEO मनोज अग्रवाल ने बताया कि वेबकास्टिंग और ऑब्जर्वर की रिपोर्ट्स के आधार पर कई बूथों पर अनियमितताएं पाई गई हैं। कुछ मतदान केंद्रों पर EVM के बटनों पर टेप चिपकाने की शिकायतें मिली थीं, वहीं बूथ संख्या 252, 235, 226, 186 और 241 में मशीन पर इत्र (Attar) लगाने के आरोप लगे हैं ताकि मतदाताओं को भ्रमित किया जा सके।
जीरो टॉलरेंस की नीति
आयोग ने इन घटनाओं पर 'जीरो टॉलरेंस' की बात कही है। CEO के अनुसार, "जहां-जहां टेप या अन्य गड़बड़ियां मिली हैं, वहां रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। केवल फलत ही नहीं, मगराहाट से भी इसी तरह की शिकायतें आई हैं। अगर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो चुनाव आयोग कल या परसों ही पुनर्मतदान (Repoll) का आदेश दे सकता है।"
सुरक्षा बलों का सख्त रुख
सुबह के समय शांतिपूर्ण मतदान के बाद, 10 बजे के बाद से ही इलाके में तनाव बढ़ने लगा था। कई जगहों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CEO ने कहा कि जहां सुरक्षा बलों को लगेगा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है, वहां वे उचित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने साफ किया कि EVM में जो वोट पहले ही 'प्रभावित' हो चुके हैं, उन्हें बदला नहीं जा सकता, इसलिए रिपोल ही एकमात्र विकल्प है।