कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉंफ्रेंस की। उसमें उन्होने सबसे पहले डॉ.अशोक लाहिड़ी और पश्चिम बंगाल के लोगों को नीति आयोग समिति के उपाध्यक्ष के रूप में नामित होने पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही डॉ. गोवर्धन दास को नीति आयोग का सदस्य बनाए जाने पर भी बधाई दी।
बड़े चुनावी दावे और भाजपा की जीत का अनुमान
प्रेस वार्ता के दौरान सरमा ने दावा किया कि भाजपा पहले चरण में ही 110 से अधिक सीटों की ओर बढ़ रही है और इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी 200 से अधिक सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि जनता में बदलाव की इच्छा पहले से कहीं अधिक दिखाई दे रही है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ को लेकर गंभीर चिंता
मुख्यमंत्री सरमा ने पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सीमाओं को आपस में जुड़ा बताते हुए घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या और मतदाता संख्या में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है, जो गंभीर संकेत है। उनके अनुसार यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो सांस्कृतिक पहचान पर असर पड़ सकता है।
ममता सरकार पर सीमा प्रबंधन में लापरवाही का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य पश्चिम बंगाल सरकार के असहयोग के कारण प्रभावित हुआ है। उनके अनुसार प्रस्तावित सीमा कार्य का बड़ा हिस्सा अभी भी लंबित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में न्यायालय द्वारा राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया गया है।
आर्थिक स्थिति और उद्योग को लेकर आलोचना
सरमा ने पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति की तुलना अन्य राज्यों से करते हुए कहा कि राज्य औद्योगिक विकास में पीछे रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां उद्योगों की बजाय सिंडिकेट संस्कृति और अवैध वसूली जैसी समस्याएं हावी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर राज्य को फिर से औद्योगिक रूप से मजबूत बनाएगी।
अंत में जनता से अपील
अंत में हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की जनता से अपील की कि वे विकास और सुरक्षा के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए भाजपा का समर्थन करें, ताकि राज्य को “विकसित और सुरक्षित भविष्य” की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।