कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल में कथित आपत्तिजनक, हिंसक और राष्ट्र-विरोधी संदेशों वाली दीवारों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय को छात्रों की ओर से शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से इस संबंध में वीडियो और तस्वीरें भेजे जाने की बात कही गई है।
CM सुवेंदु अधिकारी ने मामले को गंभीर बताया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य के उच्च शिक्षा विभाग से तत्काल जांच शुरू करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा, अनुशासन, अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के केंद्र होते हैं।
हॉस्टल का मौके पर जाकर होगा सत्यापन
मुख्यमंत्री ने जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और संबंधित अधिकारियों से आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल का ऑन-ग्राउंड फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का आग्रह किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि शिकायत में दिखाई गई कथित ग्रैफिटी वास्तव में परिसर में मौजूद हैं या नहीं।
पुष्टि हुई तो जिम्मेदारों की होगी पहचान
सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि यदि जांच के दौरान कथित आपत्तिजनक और राष्ट्र-विरोधी ग्रैफिटी की पुष्टि होती है, तो उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। साथ ही, इन्हें बनाने वाले लोगों की पहचान कर उनकी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शैक्षणिक परिसरों में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रखती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
विश्वविद्यालयों को राजनीति और असामाजिक गतिविधियों से दूर रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के शिक्षण संस्थान योग्यता, अनुशासन और बेहतर अकादमिक वातावरण के केंद्र होने चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग से परिसर की गरिमा बनाए रखने तथा किसी भी तरह की विभाजनकारी या असामाजिक गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच और मौके पर सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों द्वारा भेजे गए वीडियो और तस्वीरों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और कथित ग्रैफिटी के लिए कौन जिम्मेदार है।