दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर उखाड़ फेंकने का गंभीर मामला सामने आया है। रविवार सुबह शहर के डीएसपी टाउनशिप (DSP Township) स्थित हर्षवर्धन प्राइमरी स्कूल के पास लगी नेहरू जी की मूर्ति गायब पाई गई, जो बाद में स्कूल के पास स्थित एक नजदीकी जंगल में पड़ी मिली। घटना के विरोध में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले स्कूल परिसर और बाद में दुर्गापुर थाने के समक्ष उग्र प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
क्रेन से उखाड़कर जंगल में फेंकने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने क्रेन की मदद से कई दशकों पुरानी इस मूर्ति को उखाड़ा और पास के जंगल में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। मौके पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस कृत्य के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित असामाजिक तत्वों का हाथ है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती ने कहा, "यह बीजेपी समर्थित असामाजिक तत्वों की करतूत है। हम पुलिस को 24 घंटे की समय सीमा दे रहे हैं। यदि तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।"
बीजेपी विधायक ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, दुर्गापुर पूर्व से बीजेपी विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विधायक ने पलटवार करते हुए कहा कि इस घटना के पीछे बीजेपी का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर निष्पक्ष जांच की जाए तो सच सामने आ जाएगा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के किसी गुट ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा, "तृणमूल से कांग्रेस में शामिल हुए एक गुट ने यह सब किया है। हम भी मांग करते हैं कि ऐसे असामाजिक तत्वों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।"
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत, जांच जारी
घटना को लेकर दुर्गापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और आसपास के इलाके में पूछताछ की जा रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द से जल्द मूर्ति को पुनः स्थापित नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।