कोलकाता: चावल के कारोबार की आड़ में हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन का आरोप सामने आया है। इस मामले में बुधवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में चार ठिकानों पर छापेमारी की। ED की टीम व्यवसायी श्यामल ब्यापारी की तलाश में पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, श्यामल ब्यापारी कमालगाजी के रहने वाले हैं और साइबर क्राइम से भी जुड़े होने का आरोप है।
चावल के कारोबार की आड़ में अवैध लेनदेन का आरोप
ED सूत्रों के मुताबिक, श्यामल ब्यापारी देश-विदेश में चावल के आयात और निर्यात का कारोबार करते हैं। आरोप है कि इसी कारोबार की आड़ में इंटरनेट के माध्यम से कई तरह की वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी को करोड़ों रुपये के कथित अवैध लेनदेन की जानकारी मिली है। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
कमालगाजी स्थित कार्यालय समेत चार जगहों पर छापेमारी
बुधवार सुबह केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ED के अधिकारियों ने श्यामल ब्यापारी के कमालगाजी स्थित कार्यालय समेत कोलकाता के चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, छापेमारी के दौरान अब तक व्यवसायी का कोई सुराग नहीं मिला है। अधिकारियों की ओर से स्थानीय लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ कर उनके कारोबार और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
गुवाहाटी में दर्ज मामले के बाद तेज हुई जांच
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर गुवाहाटी में एक केस दर्ज किया गया था। इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए ED के अधिकारियों ने पहले कोलकाता के लेकटाउन में भी छापेमारी की थी। अब जांच एजेंसी का फोकस कमालगाजी स्थित व्यवसायी के मुख्य कार्यालय पर है।
दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित वित्तीय गड़बड़ी का नेटवर्क केवल कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल ED की टीम दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच कर रही है। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से स्थानीय इलाके में भी हलचल मची हुई है।