कोलकाता: चोरबागान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद इस बार काली पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और दमकल विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में बड़े और चर्चित काली पूजा पंडालों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पंडालों में सुरक्षा के इंतजामों से लेकर भीड़ प्रबंधन तक हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य चोरबागान जैसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकना और त्योहार के दौरान सुरक्षित माहौल बनाए रखना है।
1. पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच
काली पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी प्रशासन के लिए बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम पंडालों का निरीक्षण कर रही है। अधिकारी पंडालों की बनावट, सुरक्षा इंतजाम और लोगों की आवाजाही के रास्तों का जायजा ले रहे हैं। विशेष रूप से यह देखा जा रहा है कि प्रवेश और निकास के रास्ते पर्याप्त चौड़े और सुरक्षित हैं या नहीं। इसके अलावा किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए इमरजेंसी एग्जिट की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। प्रशासन चाहता है कि भीड़ के दबाव के बीच किसी तरह की भगदड़ या अफरा-तफरी की स्थिति पैदा न हो।
2. रोशनी और इमरजेंसी एग्जिट पर विशेष जोर
निरीक्षण अभियान के दौरान पंडालों के अंदर और बाहर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि रात के समय बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण रोशनी की उचित व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। अंधेरे या कम रोशनी वाले स्थानों पर लोगों को रास्ता खोजने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में पंडालों के सभी प्रमुख रास्तों और निकास द्वारों पर पर्याप्त लाइटिंग सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही इमरजेंसी एग्जिट को इस तरह तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाहर निकल सकें। प्रवेश और निकास के रास्तों की स्पष्ट पहचान के लिए उचित संकेतक लगाने की भी सलाह दी गई है। इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
3. वीआईपी एंट्री पर रोक लगाने की सलाह, वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निरीक्षण
पुलिस और दमकल विभाग के इस विशेष अभियान में दमकल विभाग के डीजी समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं और पूजा आयोजकों को जरूरी सुझाव दे रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पंडालों में अलग से वीआईपी प्रवेश द्वार नहीं रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश और निकास की व्यवस्था स्पष्ट और व्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रास्तों की उचित पहचान और पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान आयोजकों को सुरक्षा से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि पूजा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक की गुंजाइश न रहे।
4. कोलकाता के 6 पूजा पंडाल और 1 पटाखा बाजार रडार पर
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आज कोलकाता में कुल 6 प्रमुख काली पूजा पंडालों और 1 पटाखा बाजार में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत उन जगहों की सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है, जहां त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। निरीक्षण की सूची में उत्तर कोलकाता की ऐतिहासिक और लोकप्रिय फाटाकेष्टो काली पूजा भी शामिल है। यहां पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले चुकी है। अधिकारियों ने पंडाल में आने-जाने के रास्तों, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पूजा आयोजकों को जरूरी सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की जांच जारी रहने की संभावना है।
5. चोरबागान हादसे की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन की प्राथमिकता
चोरबागान की दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। इसी घटना से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार काली पूजा से पहले किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिस और दमकल विभाग मिलकर पंडालों में सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की जांच कर रहे हैं। खासतौर पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश-निकास, इमरजेंसी एग्जिट और रोशनी जैसी व्यवस्थाओं को लेकर आयोजकों को सतर्क किया जा रहा है। त्योहार के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और दर्शकों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के सामने सुरक्षा बनाए रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में पुलिस की निगरानी और दमकल विभाग की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता साफ है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में मां काली के दर्शन कर सकें और उत्सव के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी न हो।