कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के बीच कालीघाट और हरीश चटर्जी स्ट्रीट की राजनीतिक गतिविधियां चर्चा का विषय बन गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास स्थित उनके पार्टी कार्यालय में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दुर्गापूजा शुभकामना संदेश वाला फ्लेक्स लगाए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। वहीं, स्थानीय भाजपा नेताओं ने इलाके के लोगों के बीच साड़ियां, पैंट-शर्ट और मिठाइयां बांटीं। ममता बनर्जी के गढ़ में भाजपा की इन गतिविधियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कालीघाट के पार्टी कार्यालय में लगा सुवेंदु अधिकारी का फ्लेक्स
ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के सामने उनके पार्टी कार्यालय में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दुर्गापूजा शुभकामना संदेश वाला फ्लेक्स लगाए जाने का मामला सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए जानना चाहा है कि फ्लेक्स किसने और कब लगाया। हालांकि, इसे लगाने वाले व्यक्ति या संगठन के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि फ्लेक्स किसने लगाया।
हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर बांटी गईं साड़ियां और मिठाइयां
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के मिलन संघ दुर्गापूजा का उद्घाटन करने के अगले दिन स्थानीय भाजपा नेताओं ने हरीश चटर्जी स्ट्रीट के निवासियों के बीच साड़ियां, पैंट-शर्ट और मिठाइयां वितरित कीं। भाजपा ने इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से स्थानीय लोगों के लिए दुर्गापूजा के उपहार के रूप में पेश किया। ममता बनर्जी के प्रभाव वाले इलाके में इस तरह के कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है।
सुरक्षा कर्मियों ने मिठाई लेने से किया इनकार
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी के आवास की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को भी मिठाई देने की पेशकश की। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने मिठाई लेने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।
भाजपा ने बताया पहले से तय कार्यक्रम
भाजपा नेताओं का कहना है कि स्थानीय निवासियों के बीच कपड़े और मिठाइयां बांटने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। हालांकि, कालीघाट और हरीश चटर्जी स्ट्रीट जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके में भाजपा की गतिविधियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में इस घटनाक्रम का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।