कोलकाता: मानिकतला वार्ड्स इंस्टीट्यूट के पास एक जर्जर दो मंजिला मकान का हिस्सा अचानक ढह जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मकान में करीब 15 कमरे किराए पर दिए गए हैं। लंबे समय से मकान की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान की स्थिति पहले से ही कमजोर थी। इसके बावजूद इसे लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। मकान का हिस्सा गिरने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
अचानक भरभराकर गिरा मकान का हिस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय मकान के ऊपरी हिस्से में कुछ लोग मौजूद थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज हुई और मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। मकान का हिस्सा गिरते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अचानक हुई इस घटना से आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी घबरा गए। लोगों को आशंका थी कि मकान का बाकी हिस्सा भी गिर सकता है। इसके बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई।
पहले भी गिर चुका है मकान का हिस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मकान का हिस्सा गिरा हो। इससे पहले भी मकान के दूसरे हिस्से के गिरने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद मकान की संरचनात्मक स्थिति को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि जर्जर मकान को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी। बार-बार शिकायत और खतरे की आशंका के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही। अब दोबारा हिस्सा गिरने से स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है। लोगों ने मकान की पूरी संरचना की जांच कराने की मांग की है।
मकान में करीब 15 कमरे किराए पर
जानकारी के मुताबिक, इस दो मंजिला मकान में करीब 15 कमरे किराए पर दिए गए हैं। ऐसे में मकान की जर्जर हालत को लेकर किरायेदारों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान में कई परिवारों के रहने की वजह से खतरा और गंभीर हो जाता है। मकान का एक हिस्सा गिरने के बाद बाकी हिस्से की मजबूती को लेकर भी आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे से पहले जरूरी कदम उठाया जाना चाहिए। वहीं, किरायेदारों और मकान मालिक के बीच नोटिस और जानकारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
मौके पर पहुंचीं भाजपा नेत्री अर्चना मजूमदार
घटना की सूचना मिलने के बाद भाजपा नेत्री अर्चना मजूमदार भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मकान की स्थिति और स्थानीय लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली। अर्चना मजूमदार ने दावा किया कि कुछ मकानों को पहले ही खतरनाक घोषित किया गया था। इसके बावजूद संबंधित लोगों और प्रशासन की ओर से जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि मकान मालिक, किरायेदार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जाए। उन्होंने जर्जर मकानों को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। घटना के बाद उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
मकान मालिक ने किरायेदारों पर लगाया आरोप
मकान मालिक की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें मकान को लेकर जारी नोटिस की जानकारी थी। उनका कहना है कि नोटिस की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने किरायेदारों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। मकान मालिक के मुताबिक, किरायेदारों से इस मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्हें किरायेदारों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मकान मालिक का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से स्थिति को लेकर संपर्क करने की कोशिश की थी। इस दावे के बाद मामले में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आ गए हैं। अब पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका भी चर्चा में है।
किरायेदारों ने कहा- हमें नोटिस की जानकारी नहीं दी गई
वहीं, मकान में रहने वाले किरायेदारों ने मकान मालिक के दावे से अलग बात कही है। किरायेदारों का आरोप है कि उनसे इस संबंध में कोई संपर्क नहीं किया गया। उनका कहना है कि उन्हें मकान को लेकर जारी नोटिस के बारे में भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। किरायेदारों के मुताबिक, अगर उन्हें समय रहते खतरे की पूरी जानकारी दी जाती तो वे जरूरी कदम उठा सकते थे। घटना के बाद किरायेदारों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही जर्जर मकान की स्थिति को देखते हुए जरूरी सुरक्षा कदम उठाने की मांग की जा रही है।
जर्जर मकानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मानिकतला में मकान का हिस्सा गिरने की घटना ने शहर में मौजूद जर्जर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने और कमजोर मकानों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। लोगों की मांग है कि खतरनाक मकानों की पहचान के बाद वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही मकान मालिक और किरायेदारों के बीच सूचना को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। घटना के बाद इलाके के लोगों को आशंका है कि मकान का कोई और हिस्सा भी कमजोर हो सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।