काठमांडू / कोलकाता: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आए 4.4 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद टूटे ग्लेशियर ने भारी तबाही मचाई है। ग्लेशियर के मलबे से भोटेकोशी नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने के बाद अचानक आए भयंकर फ्लैश फ्लड (हड़पा बान) ने चीन-नेपाल सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी शहर और आसपास के इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया। नेपाल सरकार द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कम से कम 750 लोग लापता हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पुष्टि की है कि लापता लोगों में लगभग 300 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इनमें कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए कोलकाता के 32 श्रद्धालुओं का दल और तमिलनाडु के 37 पर्यटक शामिल हैं।
भूकंप के बाद फटा ग्लेशियर, 50 हजार की आबादी वाला क्षेत्र प्रभावित
नेपाल के आपदा प्रबंधन विभाग (NDRRMA) के अनुसार, बुधवार सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके तुरंत बाद रसुवागढ़ी क्षेत्र में एक विशाल हिमखंड टूटकर लहंडे खोला नदी में गिर गया। बर्फ और मलबे से बना बांध टूटने के बाद पानी और काले कीचड़ का भीषण सैलाब तेजी से भोटेकोशी नदी में उफना आया।नदी के दोनों किनारों पर बसी लगभग 50 हजार की आबादी वाला रसुवागढ़ी शहर और आसपास के गांव पानी व कीचड़ के नीचे दब गए हैं। कई पुल, घर और सड़कें पूरी तरह बह चुकी हैं। नेपाली सेना और आपदा राहत बल युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
मानसरोवर यात्रियों पर संकट
अगस्त-सितंबर के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेपाल के रास्ते कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकलते हैं। कई निजी ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से गए तीर्थयात्री अचानक आए इस जल-प्रलय की चपेट में आ गए। संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाने के कारण ट्रेवल एजेंसियां भी अपने यात्रियों से संपर्क स्थापित नहीं कर पा रही हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार ने जारी की हेल्पलाइन
आपदा में फंसे पश्चिम बंगाल के निवासियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर राज्य सरकार ने भवानी भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में एक आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है।
पीड़ित परिवार सहायता के लिए राज्य सरकार के इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
(033) 24793311
9147890181