कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच कर रही एजेंसी को दोषी करार दिए जा चुके संजय रॉय समेत अन्य संदिग्धों से दोबारा पूछताछ की अनुमति दे दी है, जिससे केस ने नया रुख ले लिया है।
CBI को खुली छूट, हर संदिग्ध रहेगा जांच के दायरे में
CBI को कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने में कोई बाधा नहीं होगी। एजेंसी को हर उस कड़ी तक पहुंचने की छूट दी गई है, जो इस मामले से जुड़ी हो सकती है।
साजिश और गैंगरेप एंगल पर कोर्ट की गंभीर नजर
पीड़िता के परिजनों ने अदालत में दावा किया कि यह मामला सिर्फ एक आरोपी तक सीमित नहीं है। उन्होंने साजिश और गैंगरेप की आशंका जताई, जिस पर कोर्ट ने भी गंभीरता दिखाते हुए इस एंगल की गहराई से जांच करने को कहा है।
आधुनिक तकनीक से होगी जांच, हर पहलू खंगालने के निर्देश
हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है, ताकि केस के हर पहलू को विस्तार से समझा जा सके और सच्चाई सामने आ सके।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका, जांच पर उठे सवाल
परिजनों की ओर से यह भी कहा गया कि मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस पर ध्यान देते हुए एजेंसी को बेहद सावधानी और पारदर्शिता के साथ जांच करने को कहा है।
12 मई को अगली सुनवाई, जांच की प्रगति पर रहेगी नजर
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को तय की है, जहां जांच की स्थिति और आगे की दिशा पर विचार किया जाएगा।
जांच को मिल सकती है नई दिशा, बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट के इस सख्त और स्पष्ट आदेश के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जांच को नई दिशा मिलेगी और मामले के छिपे हुए पहलू सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे केस में हलचल तेज हो गई है।