कोलकाता: कोलकाता स्थित सत्यजित राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में छात्र संघ और संस्थान प्रबंधन के बीच गतिरोध गहराता जा रहा है। कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन पर सुरक्षा संबंधी चिंताओं की अनदेखी करने और विवादों से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। इस बीच, संस्थान में लगातार 16वें दिन कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। छात्रों का आंदोलन 27 सितंबर और 4 अक्टूबर को परिसर में हुई घटनाओं के बाद शुरू हुआ था। उनका आरोप है कि इन घटनाओं ने संस्थान के सुरक्षित और स्वतंत्र शैक्षणिक माहौल पर सवाल खड़े किए हैं। छात्र संघ चाहता है कि प्रबंधन इन मामलों में जवाबदेही तय करे और परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
27 सितंबर और 4 अक्टूबर की घटनाओं से बढ़ा तनाव
विवाद की शुरुआत 27 सितंबर को हुई, जब संस्थान के सभागार में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच टकराव हुआ। ABGP को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा संगठन बताया जाता है। इस घटना में छात्रों और शिक्षकों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद 4 अक्टूबर को बंगीय हिंदू जागरण मंच के प्रदर्शन के दौरान संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर फिर तनाव बढ़ गया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की और ईंट-पत्थर फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस को भी स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद छात्रों ने परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और मांग की कि बाहरी संगठनों से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों में लौटना मुश्किल है।
छात्र संघ ने कुलपति पर लगाए गंभीर आरोप
छात्र संघ का आरोप है कि कुलपति संतोष अजमेरा ने परिसर में हुई घटनाओं के बाद छात्रों की चिंताओं को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि प्रशासन सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करे और छात्रों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकाले। छात्रों ने शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जबकि वे परिसर की सुरक्षा और प्रबंधन की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठा रहे थे। छात्र संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि संस्थान में कला और सिनेमा की पढ़ाई के लिए स्वतंत्र विचार, अभिव्यक्ति की आजादी और सुरक्षित वातावरण जरूरी है। उनके मुताबिक, सुरक्षा चिंताओं का समाधान करने के बजाय परिसर में बाड़ लगाने और दीवारों से नारे हटाने जैसे कदमों पर जोर दिया जा रहा है।
पूर्णकालिक कुलपति की नियुक्ति की मांग
प्रदर्शनकारी छात्र संतोष अजमेरा से SRFTI के कुलपति पद का अतिरिक्त प्रभार वापस लेने और संस्थान के लिए पूर्णकालिक प्रमुख नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए कुलपति के पास फिल्म निर्माण और फिल्म संस्थान के शैक्षणिक कामकाज का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। छात्र संघ ने यह भी कहा है कि संस्थान के नेतृत्व को छात्रों के साथ नियमित संवाद करना चाहिए और असहमति को अनुशासनहीनता मानने के बजाय उसे सुनने की व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।
कुलपति ने की शांति और बातचीत की अपील
दूसरी ओर, कुलपति संतोष अजमेरा ने छात्रों से कक्षाओं में लौटने और परिसर में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है। प्रबंधन का कहना है कि संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां लंबे समय तक बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर असर पड़ रहा है। शो-कॉज नोटिस के संबंध में प्रशासन का तर्क है कि कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार जवाब मांगा जा सकता है। प्रबंधन ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा भी जताई है। हालांकि, छात्रों और प्रशासन के बीच अब तक ऐसा समाधान सामने नहीं आया है जिससे आंदोलन समाप्त हो सके और कक्षाएं दोबारा शुरू हों।
16 दिनों से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित
लगातार जारी कक्षा बहिष्कार के कारण संस्थान का शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित हो रहा है। फिल्म और टेलीविजन की पढ़ाई में कक्षाओं के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, शूटिंग और अन्य तकनीकी गतिविधियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में लंबे समय तक संस्थान का कामकाज बाधित रहने से छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल, छात्रों ने कुलपति के इस्तीफे और सुरक्षा संबंधी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने का संकेत दिया है। दूसरी ओर, प्रबंधन सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल करने पर जोर दे रहा है। ऐसे में SRFTI में जारी गतिरोध का समाधान अब दोनों पक्षों के बीच संवाद और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर ठोस कार्रवाई पर निर्भर करेगा।