नई दिल्ली - भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशों के बीच एक सवाल चर्चा में है—क्या कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अगले साल भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनेंगे? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जनवरी में उनकी संभावित भारत यात्रा को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में उनकी मौजूदगी की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गणतंत्र दिवस समारोह में किसी विदेशी नेता को मुख्य अतिथि बनाना भारत की कूटनीतिक परंपरा का अहम हिस्सा है। ऐसे में कार्नी की संभावित यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में आगे बढ़ते संपर्क के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मोदी और कार्नी के बीच फोन पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मंगलवार को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के बीच संपर्क मजबूत करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर भी जोर दिया गया।
CEPA समझौते पर बढ़ सकती है बातचीत
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के कारोबार और निवेश के अवसरों को बढ़ाना है। यदि समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है, तो इससे कई क्षेत्रों में व्यापारिक सहयोग को प्रोत्साहन मिल सकता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और लोगों के आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।
दिसंबर में कनाडा जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। वह अमेरिका में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए यात्रा के दौरान कनाडा जाएंगे। इस संभावित दौरे को दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान व्यापार समझौते पर प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, दौरे के कार्यक्रम और समझौते से जुड़ी अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणाओं पर निर्भर करेगी।
रिश्तों में सुधार के संकेत, लेकिन मुख्य अतिथि पर फैसला बाकी
भारत और कनाडा के बीच हाल के संपर्कों में व्यापार और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दे रहा है। मोदी और कार्नी की बातचीत तथा CEPA को लेकर साझा प्रतिबद्धता इसी दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में देखी जा सकती है।
फिर भी, मार्क कार्नी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने की संभावना को फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। जब तक भारत सरकार या कनाडा सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक उनकी यात्रा और मुख्य अतिथि की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि दोनों देश अपने संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर बातचीत जारी रखे हुए हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में कार्नी की संभावित मौजूदगी पर सबकी नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी रहेंगी।