कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और कटमनी जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सीधे शिकायत दर्ज कराने के लिए राज्य स्तरीय समर्पित (Dedicated) टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की शुरुआत की है।भवानी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इन नए हेल्पलाइन नंबरों का उद्घाटन किया। अब राज्य का कोई भी नागरिक दिन हो या रात, चौबीसों घंटे किसी भी समय इन नंबरों पर फोन करके सीधे प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेगा।
शिकायत दर्ज कराने के लिए जारी हुए 4 टोल-फ्री नंबर
सरकार ने अलग-अलग प्रकार के अपराधों और भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए अलग-अलग टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं, जो पूरी तरह से निःशुल्क हैं:
- कटमनी (घूसखोरी) की शिकायत के लिए: 155334
- सिंडिकेट अपराध (बालू, पत्थर, सीमेंट माफिया) के लिए: 155335
- सड़कों पर अवैध वसूली / टॉल टैक्स के लिए: 155337
- अवैध शराब के कारोबार की शिकायत के लिए: 155339
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इन नंबरों पर मिलने वाली हर शिकायत सीधे शीर्ष प्रशासन के पास पहुंचेगी और उस पर तुरंत जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
'तृणमूल शासन के भ्रष्टाचार का करेंगे अंत'
इस अवसर पर राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए संदेश दिया गया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासनकाल के दौरान लगभग हर क्षेत्र में सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके चलते कई नेता और पूर्व विधायक आज सलाखों के पीछे हैं। हाल ही में सीएजी (CAG) रिपोर्ट में भी भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा हुआ है।ऐसे माहौल में राज्य की छवि को सुधारने और आम जनता को डरमुक्त माहौल देने के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह कदम उठाया है।
पुलिस में उत्तर प्रदेश मॉडल पर होंगी 1 लाख भर्तियां
प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं भी कीं:
- 1 लाख नई पुलिस भर्तियां: उत्तर प्रदेश मॉडल की तर्ज पर पश्चिम बंगाल पुलिस विभाग में 1 लाख नए कर्मियों की भर्ती की जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
- महिला पुलिसकर्मियों को राहत: महिला पुलिस कर्मचारियों को उनके गृह जिले या घर के पास ही पोस्टिंग दी जाएगी, ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास: पुलिस बल के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य में कटमनी, रंगदारी और सिंडिकेट राज चलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं होगी और पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाकर कानून का राज कायम किया जाएगा।