कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सरकारी, सरकारी प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में संस्कृत भाषा एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘संस्कृत दिवस’ और ‘संस्कृत सप्ताह’ मनाया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने विकास भवन से इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किया है।
प्राथमिक स्कूल भी होंगे कार्यक्रम का हिस्सा
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने दिनांक 25 अगस्त 2026 को एक मेमो जारी किया, मेमो के अनुसार, इस बार कार्यक्रम के दायरे में प्राथमिक विद्यालयों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को शुरुआती कक्षाओं से ही संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति से परिचित कराना है।
25 से 31 अगस्त तक चलेगा संस्कृत सप्ताह
निर्देश के मुताबिक, राज्य के स्कूलों में 25 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक संस्कृत सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक स्कूल को अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक दिन को विशेष रूप से ‘संस्कृत दिवस’ के रूप में आयोजित करने को कहा गया है।
जिला अधिकारियों को भी दिए गए निर्देश
स्कूल शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक ने राज्य के सभी जिलों के जिला स्कूल निरीक्षकों (D.I. of Schools - SE & PE) को पत्र भेजकर निर्देशों के पालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
संस्कृत भारती के पत्र के बाद पहल
बताया गया है कि संस्कृत भारती, पश्चिम बंगाल के पूर्वा क्षेत्र संगठन संपादक प्रणब नंदा की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री-इन-चार्ज (MIC) को दिए गए पत्र के आधार पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया है। राज्यभर के स्कूलों में आयोजन से विद्यार्थियों को संस्कृत के महत्व और इसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।