पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मामले पर सुनवाई करेगा। यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के समक्ष होगी।
91 लाख नाम हटने से बढ़ा विवाद
चुनाव आयोग द्वारा 9 अप्रैल को जारी SIR सूची के बाद पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इस बड़े फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
मालदा घटना भी सुनवाई के दायरे में
सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में SIR प्रक्रिया के दौरान हुई घटना पर भी सुनवाई करेगा। 1 अप्रैल को सुजापुर क्षेत्र में विरोध के दौरान हजारों लोगों ने कलियाचक स्थित BDO कार्यालय का घेराव किया, जिससे 7 न्यायिक अधिकारी करीब 9 घंटे तक अंदर फंसे रहे।
वोटरों की संख्या में बड़ी गिरावट
अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे, लेकिन अब तक 90.83 लाख नाम हटाए जा चुके हैं। इससे कुल मतदाता संख्या घटकर करीब 6.76 करोड़ रह गई है, जो लगभग 11.85% की कमी दर्शाता है।
सीमा से सटे जिलों में ज्यादा असर
जांच के दायरे में आए 60.06 लाख मतदाताओं में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए हैं। खासकर बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। नॉर्थ 24 परगना जिले में ही लाखों नाम सूची से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
अंतिम आंकड़ों पर नजर
फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद इस पूरे मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।