कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और राज्य के कई हिस्सों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के कोलकाता केंद्र के अनुसार, 20 जुलाई को उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश के चलते भू-स्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं, दक्षिण बंगाल में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 21 जुलाई से यहां भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं।
उत्तर बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
उत्तर बंगाल में मानसून पूरे जोर पर है। उप-हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच कई जिलों में मूसलाधार वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में एक या दो स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
इसके अलावा उत्तर दिनाजपुर जिले में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जहां कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
वज्रपात, भू-स्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के सभी जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों में भू-स्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, निचले इलाकों में अचानक जलभराव और फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडक जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है। यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क और पहाड़ी मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।
कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में बादल और हल्की बारिश का दौर
उत्तर बंगाल की तुलना में दक्षिण बंगाल में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा, लेकिन बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत अधिकांश जिलों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उमस के बीच बारिश से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
21 जुलाई से दक्षिण बंगाल में भी तेज होगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 जुलाई से दक्षिण बंगाल में मानसून और अधिक सक्रिय हो जाएगा। 21 से 23 जुलाई के बीच दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और दैनिक जीवन पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाह जारी की है।
* गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, नदी किनारे और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें तथा सुरक्षित पक्के भवन या वाहन में शरण लें।
* पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और जर्जर भवनों के नीचे खड़े होने से बचें।
* पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें, क्योंकि लगातार बारिश के कारण भू-स्खलन का खतरा बना हुआ है।
* जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
* नदी किनारे रहने वाले लोग जलस्तर पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन पश्चिम बंगाल के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। उत्तर बंगाल में जहां भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा का खतरा बना हुआ है, वहीं 21 जुलाई से दक्षिण बंगाल में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।