मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1300 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23,850 के नीचे फिसल गया। इसी के साथ भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
बीएसई का सेंसेक्स 1,312.91 अंक टूटकर 76,015.28 पर बंद हुआ।
एनएसई का निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 के स्तर पर आ गया।
बाजार में गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टर्स पर देखने को मिला। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई।
रुपये ने छुआ रिकॉर्ड निचला स्तर
शेयर बाजार की कमजोरी के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये पर दबाव बना रहा।
डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे टूट गया।
कारोबार के अंत में रुपया 95.34 (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
रुपये की इस गिरावट ने आयात लागत और महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा खपत में संयम बरतने की अपील के बाद भी बाजार में चिंता का माहौल देखने को मिला।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और रुपये की स्थिति पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
क्या कहते हैं जानकार?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मजबूती भारतीय बाजार पर दबाव बना रही है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं हुआ तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।