Raipur: रायपुर नगर निगम (Raipur Nigam Budget) में मंगलवार को बजट पेश करने के बाद इस पर चर्चा की गई और सर्वसम्मति से इसे पारित किया गया। वहीं, बजट पेश होने से पूर्व बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सात से आठ माह बाद बुलाई गई इस बैठक से पक्ष सहित विपक्ष के पार्षदगणों में भी नाराजगी देखने को मिली। वहीं, प्रश्नकाल खत्म होने के बाद पीएम आवास पर बीजेपी पार्षदगणों ने तख्तियां लेकर सभापति के समक्ष जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
जोन अध्यक्ष ने स्मार्ट सिटी पर फिजूलखर्ची का लगाया आरोप
वहीं, सत्तापक्ष के पार्षदगण सहित एमआइसी (मेयर इन काउंसिल) के पदाधिकारियों ने भी बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की। इसकी वजह से सभापति ने दस मिनट के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। वहीं, दस मिनट बाद बजट पेश किया गया और इसके बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान जोन दस के अध्यक्ष एवं सत्तापक्ष के पार्षद आकाशदीप शर्मा ने स्मार्ट सिटी के कार्यों पर सवालिया निशान लगाते हुए फिजूलखर्ची करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस गार्डन का दो वर्ष पहले ही उन्होंने जीर्णोद्धार करवाया, उसमें अब फिर स्मार्ट सिटी द्वारा विभिन्न प्रकार के निर्माण के साथ ही पेंटिंग भी करवाई जा रही है, जो कि फिजूलखर्ची के सिवाए कुछ और नहीं है।
अनुज्ञा विभाग के अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप
बजट पर (Raipur Nigam Budget) चर्चा के दौरान पार्षद सुशीला धींवर ने स्ट्रीट लाइटें बंद होने की जानकारी सदन को दी और अवैध प्लाटिंग के मामलों पर सत्तापक्ष को घेरते हुए भवन अनुज्ञा विभाग के अफसरों पर भ्रष्टाचार का खुला आरोप लगाया। इसके अलावा वार्ड 63 के पार्षद चंद्रपाल धनगर ने बाजार के व्यवस्थापन को लेकर सत्ता पक्ष को घेरा और इसकी वजह से सड़कों पर जाम की समस्या से सभापति के माध्यम से आयुक्त व महापौर सहित सभी सदस्यों को अवगत कराया।
ये योजनाएं हुई फेल
चर्चा के दौरान पार्षद विश्वदिनी पाण्डेय ने प्रदेश सहित शहर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तुहंर सरकार तुहंर द्वारा चला, फिर महापौर तुहंर द्वार चलाया गया, लेकिन इस दौरान की गई मांगों और लोगों की जरूरतों को आज तक पूरा नहीं किया गया। सभी वार्डों को दस-दस लाख देने की घोषणा में अफसरों ने ही पलीता लगा दिया और योजना का स्वरूप ही बदल दिया गया। वहीं, रोड स्वीपिंग मशीन निगम द्वारा चलवाई जा रही हैं, लेकिन यह कब चलती हैं, यह पता ही नहीं होता।
पार्षदों ने की शिकायत
चर्चा के दौरान (Raipur Nigam Budget) सभापति प्रमोद दुबे ने स्वत: संज्ञान लेते हुए नियमित कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद उनकी जगह प्लेसमेंट कर्मचारी नहीं देने के मामले पर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों को ध्यान दिलाया और सफाई कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त रखने के लिए कहा। वहीं, पार्षद रोहित साहू वार्ड 31 में पेयजल की समस्या बताते हुए वहां अमृत मिशन का स्कोप नहीं होना बताया गया। इसके अलावा बर्तन बैंक तो स्थापित किया गया, लेकिन तालाबंद होने की जानकारी दी।
प्रश्नकाल में उठा ये मुद्दा
बजट पेश करने से पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे ने रावतपुरा फेज-2 में करवाए गए निर्माण को लेकर महापौर सहित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत का आरोप लगाया। इस दौरान विभागीय भारसाधक ज्ञानेश शर्मा ने सारे दस्तावेज होने के साथ ही पूरी प्रक्रिया नियमत: होना बताया। इसके अलावा प्रश्नकाल में संपत्ति कर और अमृत मिशन के मामले पर भी सवाल जवाब हुए। जिसमें सतनाम सिंह पनाग ने संबंधित मामले में जानकारी दी।
Read More- CG Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा चावल घोटालें का मुद्दा उठाया, कही ये बड़ी बात
Comments (0)