मध्य प्रदेश के उज्जैन में सावन के पहले सोमवार यानी 18 जुलाई को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलने वाली है। इसको लेकर गाइडलाइन जारी किए गए है। जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी। आशीष सिंह ने महाकालेश्वर सवारी की व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न जिला आधिकारियों, समिति सदस्यों और पुजारियों के प्रतिनिधियों के साथ त्रिवेणी संग्रहालय बैठक की और अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की।
महाकाल की सवारी में डीजे प्रतिबंधित रहेगा
कलेक्टर आशीष ने कहा कि महाकाल की सवारी में डीजे प्रतिबंधित रहेगा। उन्होने श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि सवारी के आगे-आगे केले, नारियल, चॉकलेट और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण न करें। महाकाल की सवारी के लिए दो साल के अंतराल के बाद फिर से रस्सा पार्टी को तैनात किया जा रहा है। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा या व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
मंदिर पहुंचने के लिए शहर में व्यवस्थित संकेतक लगा दिए गए है
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर पहुंचने के लिए शहर में व्यवस्थित संकेतक लगा दिए गए है। कलेक्टर ने शीघ्र दर्शन की लाइन के लिए अलग से व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। सभी मण्डप में पूजन के वक्त संख्या सीमित की जाए ये निर्णय भी लिया गया है।
झालमिया मठ से नाव में सवार होकर पुजारीगण पहुंचेंगे
महाकाल के दर्शन के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था प्रत्येक सवारी वाले दिन दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक एवं शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक बंद रहेगी। रामघाट पर होने वाले पालकी पूजन के लिए झालमिया मठ से नाव में सवार होकर पुजारीगण पहुंचेंगे।
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