जबलपुर, शहर में चार सीनियर सिटीजनों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका यानि पीआईएल दायर कर डीजे बजाने पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि डीजे से तेज आवाज में बजने वाला संगीत हृदय गति रुकने, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों का कारण बन रहा है। हाईकोर्ट ने केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह याचिका 100 वर्षीय पूर्व आईएफएस अधिकारी आर पी श्रीवास्तव, 83 वर्षीय पूर्व कुलपति गोविंद मिश्रा और दो अन्य सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक जुलूसों और शादियों में डीजे बहुत तेज आवाज में बजाये जाते हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है।
एमपी हाईकोर्ट के एक डिवीजन बेंच ने डीजे पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक जनहित याचिका पर सरकार और जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि उच्च मात्रा में डीजे बजाने से ध्वनि प्रदूषण होता है जिससे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारी होती हैं।
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