दीपावली पर धन लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों के चाक ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 'वोकल फॉर लोकल' स्वदेशी अपनाओ के आहवान के बाद कुम्हारों को इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है। इन दिनों कटनी जिले के बिलहरी, उमरियापान और कांटी सहित अन्य स्थानों के कुम्हारों का पूरा परिवार ही मिट्टी के दीपक बनाने के काम में हाथ बंटा रहा है, कोई मिट्टी गूंथने में लगता है,तो किसी के हाथ में चाक पर मिट्टी के बर्तनों को आकार दे रहे हैं। महिलाओं को अलाव (आवा) जलाने व पके हुए बर्तनों को व्यवस्थित रखने का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही वे विभिन्न रंगों से बर्तनों को सजाने में जुटी हैं।
दीपावली पर धन लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों के चाक ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 'वोकल फॉर लोकल' स्वदेशी अपनाओ के आहवान के बाद कुम्हारों को इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
Comments (0)