मेट्रो ट्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, आरडीएसओ की टीम ने 10 दिन में मेट्रो को ट्रैक पर 20 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया। इसी बीच इमरजेंसी ब्रेक टेस्ट किए गए। मेट्रो के तीन कोच में कुल 970 पैसेंजर सफर कर सकते हैं। इसी आधार पर मेट्रो में रेत की बोरियां रखकर लोड टेस्ट भी किया गया। साथ ही मेट्रो के सॉफ्टवेयर सहित हर तरह की जांच की गई। मेट्रो के सभी कोच हर मापदंड पर खरे उतरे हैं।
इंदौर के लिए बड़ी उपलब्धि
मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने कहा कि ऑसिलेशन और ईबीडी परीक्षणों का सफल होना इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैं इस उपलब्धि पर मेट्रो टीम, कॉन्ट्रेक्टर, कंसल्टेंट को बधाई देता हूं। यह सफलता इंदौर में विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली प्रदान करने के हमारे विजन को पूरा करने की दिशा में बेहद खास कदम है।
आरडीएसओ की टीम द्वारा मेट्रो की सभी जांच का मूल्यांकन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस डाटा के आधार पर इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए सुरक्षा प्रमाणन और तकनीकी मंजूरी के साथ 8-10 दिन में ट्रेन सेफ्टी रिपोर्ट दी जाएगी।
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