एमपी में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी वर्गों को साधने में जुटे हैं। महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री 'लाड़ली बहना' तो युवाओं के लिए 'सीखो कमाओ योजना' लागू की जा चुकी है। किसानों को ऋण ब्याज माफी देने के बाद अब सरकार की नजर कर्मचारियों पर है।
कर्मचारियों को साधने की कवायद
कर्मचारियों को साधने के लिए कई घोषणाएं जल्द ही की जा सकती हैं। इसमें महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाने के साथ लिपिक संवर्ग को चार स्तरीय वेतनमान और पदनाम दिया जा सकता है। संविदा, पंचायत और रोजगार सहायकों की मांग को लेकर वित्त विभाग विचार-विमर्श कर रहा है। कर्मचारी आयोग ने पेंशन नियम में भी परिवर्तन प्रस्तावित कर दिया है। मध्यगप्रदेश में सभी संवर्गों के साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी और साढ़े चार लाख पेंशनर हैं। सवा दो लाख संविदा कर्मचारी 20 प्रतिशत पदों पर नियमित करने के साथ सौ प्रतिशत वेतन देने तो 22 हजार रोजगार सहायक मानदेय में वृद्धि और पंचायत सचिव पद पर समायोजन करने की मांग कर रहे हैं।डीए बढ़ाने से लेकर वेतनमान में सुधार संभव
लिपिक संवर्ग के 60 हजार से अधिक कर्मचारी चौथे समयमान वेतनमान और पदनाम देने को लेकर कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। चुनावी वर्ष में कर्मचारियों की मांगों को लेकर कांग्रेस गंभीर है और कमल नाथ पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर चुके हैं। उधर, राज्य सरकार भी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गंभीर हुई है। राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के माध्यम से कर्मचारियों की मांगों की जानकारी ली जा चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रारंभिक विचार-विमर्श भी कर लिया है। चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा इसी माह हो सकती है। अभी कर्मचारियों को 38 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। जबकि, केंद्र सरकार इसे बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर चुकी है। जुलाई में फिर वृद्धि संभावित है।Read More: लोगों को जल्द मिलेगी गर्मी से राहत, इन राज्यों में होगी बारिश
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