रमाकांत शुक्ला
कहते है कि मतदाता 1 दिन का बादशाह होता है। शायद यही वजह है कि चुनाव के वक्त लोग अपनी मांगों को लेकर चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी देते है। इन दिनों एमपी में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों जोरों पर है। इसी बीच प्रदेश से अलग-अलग जिलों से लगातार ग्रामीणों की नाराजगी खबरें आ रही है। ताजा मामला धार जिले के बदनावर से सामने आया है। बदनावर क्षेत्र की लगभग 90 पंचायतों में 25 जून को पंचायत चुनाव होना है। ऐसे में ग्राम पंचायत ढोलाना में चुनाव का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया है।
नाली नहीं तो वोट नहीं !
विरोध की मुख्य वजह है। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं ना मिलना, यहां तक की 2 वार्डों में चुनाव लड़ने वाला कोई नहीं मिला है। ग्रामीणों की माने तो लंबे समय से नाली की समस्या से परेशान है। जनप्रतिनिधि से लेकर जिम्मेदारों तक समस्या से अवगत कराया। लेकिन अब उनकी मांग पूरी नहीं हुई। अब जब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो ग्रामीणों ने नाली नहीं तो वोट नहीं देने का फैसला लिया है। अगर पूरे बदनावर क्षेत्र की बात की जाए तो लगभग 27 वार्ड ऐसे हैं। जो रिक्त हैं।
चुनाव में जनप्रतिनिधि केवल करते हैं वादा
इस गांव की जनता से हर बार चुनाव में वादा कर प्रत्याशी वोट ले लेतें है। लेकिन वोट लेने के बाद जनता से किया वादा नहीं निभाते है जिसका नतीजा इन ग्रामीणों की समस्या का हल नहीं हुआ। लिहाजा परेशान ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना लिया है। ग्रामीणों का यही नारा है नाली नहीं तो वोट नहीं।
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