न्यायालय के आदेश के बावजूद भरण-पोषण देने से बच रहे पतियों को कानून के दायरे में लाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा एक ऐसा कदम उठाया जा रहा है, जो महिलाओं के लिए मदद भरा हाथ साबित हो रहा है। भरण-पोषण के लिए जारी होने वाली धारा 125 से जुड़े समन- वारंट महिलाओं के लिए गुजारा-भत्ता पाने की दिशा में प्रमुख कदम है, लेकिन कई बार कानून व्यवस्था बनाने की स्थिति के चलते यह प्राथमिकता क्रम में पीछे हो जाते हैं। ऐसे में आपरेशन हेल्पिंग हैंड के तहत पहली प्राथमिकता पर रखकर इसे तामील कराया जाता है।
घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने पुलिस की पहल। महिला सुरक्षा शाखा ने आपरेशन हेल्पिंग हैंड चलाया। धारा 125 के तहत भरणपोषण के मामलों में जारी समन वारंट की तामीली कराई जा रही।