मध्यप्रदेश के लाड़ली बहना योजना की गूंज दूसरे प्रदेशों में जोरों-शोरों से सुनाई दे रही है। सीएम डॉ मोहन यादव चुनावी प्रचार के लिए महाराष्ट्र पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि लाडली बहना योजना हमारे सनातन धर्म की उस भावना की प्रतीक है, जिसमें हम मातृशक्ति को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं, लेकिन हम अपने देश को अपनी माता मानते हैं और भारतमाता की जय बोलते हैं। नवग्रहों में सिर्फ पृथ्वी को ही धरती माता कहा जाता है।
सीएम मोहन बोले- बहनों के खाते में पैसे पहुंचते हैं तो कांग्रेसी छाती पीटते हैं
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि हमारे भगवानों के नामों में भी चाहे राधे कृष्ण कहें या सीताराम, सभी में पहले माता का नाम आता है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम मातृशक्ति का सम्मान करते हैं, बहनों के खातों में जब पैसे डालते हैं, तो कांग्रेस के लोग छाती पीटते हैं। वो कहते हैं अरे क्यों दे रहे हो, क्यों पैसे बर्बाद कर रहे हो। लेकिन माता-बहनों को दिया हुआ कोई भी पैसा बेकार नहीं जाता। एक-एक पैसे का सदुपयोग होगा। लेकिन वही पैसा अगर उन हाथों में जाएगा जो हमेशा जनता पर डाका डालते रहे हैं, जनता को लूटते रहे हैं, तो जरूर बर्बाद होगा।
आखिर इतनी चर्चाओं में क्यों रहती है लाड़ली बहना योजना
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार ने चुनाव ने विधानसभा चुनाव 2023 से पहले की थी। विधानसभा चुनावों में बीजेपी की सत्ता में वापसी कराने वाली लाड़ली बहना योजना ही थी। राजनीतिक विश्लेषक तो यहां तक बताते हैं कि अगर लाड़ली बहना योजना न होती बीजेपी केंद्र में भी सरकार न बना पाती।
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