नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार रोजाना 60 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। जवाब में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा यह कर्ज नहीं, यह तो जनता के ऊपर निवेश है। इससे पहले चर्चा के लिए तय चार घंटे होने के बाद सिंघार को बोलने का मौका नहीं देने के चलते हंगामा हुआ।
ज्यादातर कर्ज चुनाव के समय लिया
सरकार पर कर्ज 2021 में 2 लाख 53 हजार करोड़ था। 2024 में 3 लाख 85 हजार करोड़ के लगभग हो गया। अभी दस हजार करोड़ का कर्ज लिया गया है। मतलब प्रतिदिन सरकार 60 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। अनुपूरक बजट में राम गमन पथ के लिए कोई प्रावधान नहीं है। एमएसएमई के लिए 400 करोड़ बहुत कम हैं। एससी-एसटी के लिए प्रावधान तो रखा गया है, लेकिन बच्चों को छात्रवृउिा नहीं मिल रही।
एमओयू हो रहे, लेकिन आया कुछ नही
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे: 438 ट्रांसफर मात्र 10 महीने में हो चुके हैं। प्रशासनिक अराजकता की स्थिति बन गई है। ऐसी स्थिति है कि हर 15 दिन में कर्ज लेना पड़ रहा है। सरकार को स्वीकारना चाहिए कि उनके पास कोई फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं है।
रीजनल इन्वेस्टर समिट में 4 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए। इसके बाद भी कुछ नहीं आया। ऊर्जा विभाग में 18000 करोड़ से अधिक का बजट था। अब तक 9000 करोड़ ही खर्च हुआ है। अब 8000 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान फिर किया जा रहा है, आखिर ऐसी स्थिति क्यों है।
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