मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार, 20 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दो साल से ज्यादा समय से लटकी 209 नर्सों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी गई है। इसके अलावा कई अहम फैसले लिए गए।
दो पोर्टल का लोकार्पण
संपदा संचालनालय ऑनलाइन आवास आवंटन- सरकारी आवासों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। कहां, कौन से शासकीय आवास रिक्त हैं। जिससे उनके आबंटन में आसानी होगी।
दूसरा पोर्टल- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती पोर्टल, यह देश का पहला ऐसा पोर्टल है। जिसके द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती में आसानी होगी।
209 नर्सों की जल्द होगी पोस्टिंग
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में दो साल पहले 209 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई थी, उस संबंध में कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उनकी नियुक्ति को कैबिनेट ने छूट प्रदान की है। जिससे अब उन सभी 209 नर्सों को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति देने का रास्ता साफ हो गया है।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की स्थापना
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की स्थापना की गई। कैबिनेट में आज इसके लिए बनी विशेषज्ञ समिति का भी गठन किया गया। इस समिति मे 28 सदस्य होंगे। जिसमें से 23 शासकीय और 5 अशासकीय बनाए गए हैं। इन्हें तीन साल के लिए नामांकित किया गया है। कैबिनेट के सदस्य भी इस समिति में पदेन मेम्बर होंगे।
राम वन गमन पथ की तरह बनेगा श्रीकृष्ण पाथेय
राम वन गमन पथ की तर्ज पर मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास बनाया गया है। इसके तहत प्रदेश के उन स्थानों का चिन्हित किया जाएगा, जहां से होकर भगवान श्रीकृष्ण गुजरे थे अर्थात जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के पद पड़े थे। इसके बाद उन स्थानों को विकसित किया जाएगा। उन स्थानों को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकास होगा। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने यह भी बताया कि न्यास बनने से सांस्कृतिक धरोहरों की पुर्नस्थापना कैबिनेट का निर्णय अहम भूमिका निभाएगा।
Comments (0)