सतना जिले में लोको पायलट की सतर्कता से रेलवे ट्रैक में छेड़छाड़ की साजिश का खुलासा हो गया। इस दौरान जांच टीम को पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउन ट्रैक के 37 कांक्रीट स्लीपर अनलॉक मिले। इस मामले में सतना जिले के उचेहरा थाने में रेलवे एक्ट 1989 की धारा- 150 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
अनलॉक थे कांक्रीट स्लीपर
बताया जाता है कि मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर पश्चिम मध्य रेल के सतना-उचेहरा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार की रात महाकौशल एक्सप्रेस के लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया. लोको पायलट ने ट्रैक में गड़बड़ी की सूचना जबलपुर में रेलवे कंट्रोल को दी. इस अलर्ट पर ऑपरेटिंग विभाग के अफसरों के साथ मौके पर पहुंची आरपीएफ की टीम ने पाया कि पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउन ट्रैक से गुजरी उस वक्त 37 कांक्रीट स्लीपर अनलॉक थे। रात सवा 9 बजे के आसपास जबलपुर से चल कर निजामुद्दीन की ओर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउन ट्रैक से गुजरी थी। जांच टीम ने मौके से 150 से भी ज्यादा चाबियां बरामद की। रेल सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच से पता चला है कि अज्ञात बदमाशों ने स्लीपर को लॉक करने के लिए लगाई गईं चाबियां निकाल ली थीं। मौके से दो साइकल, हथौड़ा और रेंच भी जब्त किया गया है।
सतना जिले में लोको पायलट की सतर्कता से रेलवे ट्रैक में छेड़छाड़ की साजिश का खुलासा हो गया। इस दौरान जांच टीम को पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउन ट्रैक के 37 कांक्रीट स्लीपर अनलॉक मिले। इस मामले में सतना जिले के उचेहरा थाने में रेलवे एक्ट 1989 की धारा- 150 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
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